|
واشرح له ما
راعنا |
|
بالطف من فعل
النواصب |
|
واقصر فما عن
صدره |
|
خبرٌ من الاخبار
عازب |
|
واطلق عنانك
قاصداً |
|
قمر الهدى شمس
المذاهب |
|
واجلس على
أعتابه |
|
واندب وقل
والدمع ساكب |
|
مولاي يا كهف
الورى |
|
من شاهد منهم
وغائب |
|
فجعتك حرب
بالحسين |
|
وبالعشيرة
والأقارب |
|
تبكي لمصرعه
الحروب |
|
أسىً وتندبه
المحارب |
|
والبدر أمسى
كالحاً |
|
والشمس ناشرة
الذواب |
|
ونساه من شجو
عليه |
|
ذوات أكباد
ذوائب |
|
أمست تجاذب من
لظى |
|
الانفاس ما أمست
تجاذب |
|
ما بين علج
سالبٍ |
|
أسلابهن وبين
ضارب |
|
مستصرخات لم تجد |
|
غير الصدى أحداً
مجاوب |
|
ان صحن أين ليوب
غالب |
|
صاح أين ليوث
غالب |
|
وبنو العواهر
والقيو |
|
د تقودها قود
الجنائب |
|
الله أكبر انها |
|
لمن الغرائب
والعجائب |
|
يستأصلون
معاشراً |
|
بلغوا بهم أقصى
المطالب |
|
أبني المراثي
والمما |
|
دح والمعالي
والمناقب |
|
ما أن ذكرت
مصابكم |
|
إلا وهيّج لي
مصائب |
|
وإليكم من عبدكم |
|
مجلوّة الأطراف
كاعب |
|
فهي العصا طوراً
أهشّ |
|
بها ولي فيها
مآرب |
|
لا بد ما تأتي
لكم |
|
وتعود منكم
بالرغائب |
|
صلى الإله عليكم |
|
ما حجّ بيت الله
راكب |
![أدب الطّف أو شعراء الحسين عليه السلام [ ج ٥ ] أدب الطّف أو شعراء الحسين عليه السلام](/_next/image?url=https%3A%2F%2Flib.rafed.net%2FBooks%2F367_adab-altaff-05%2Fimages%2Fcover-big.jpg&w=640&q=75)

