|
الآية [٢٣] : (٥) ٣٦ |
الآية [٨] : (٥) ٤٥ |
الآية [٥٤] : (٥) ٥٠ |
|
الآية [٢٤] : (٥) ٣٦ |
الآيتان [٩،١٠] : (٤٥ (٥ |
الآية [٥٦] : (٥) ٥٠ |
|
الآية [٢٥] : (٥) ٣٦ |
الآية [١١] : (٥) ٤٥ |
سورة القيامة |
|
الآية [٢٦] : (٥) ٣٧ |
الآية [١٢] : (٥) ٤٥ |
الآية [١] : (٥) ٤٥ |
|
الآية [٢٧] : (٥) ٣٧ |
الآية [١٣] : (٥) ٤٥ |
الآية [٢] : (٥) ٢٥ |
|
الآية [٢٨] : (٥) ٣٧ |
الآية [١٤] : (٥) ٤٥ |
الآية [٣] : (٥) ٢٥ |
|
سورة المزمل |
الآيتان [١٥،١٦] : (٤٥ (٥ |
الآية [٤] : (٥) ٢٥ |
|
الآية [١] : (٥) ٣٧ |
الآية [١٧] : (٥) ٤٦ |
الآية [٥] : (٥) ٥٣ |
|
الآيتان [٢،٣] : (٣٨ (٥ |
الآيتان [١٨،١٩] : (٤٦ (٥ |
الآية [٦] : (٥) ٥٣ |
|
الآية [٤] : (٥) ٣٨ |
الآيتان [٢١،٢٢] : (٤٦ (٥ |
الآيتان [٧،٨] : (٥٣ (٥ |
|
الآية [٥] : (٥) ٣٩ |
الآية [٢٣] : (٥) ٤٦ |
الآية [٩] : (٥) ٥٣ |
|
الآية [٦] : (٥) ٣٩ |
الآيتان [٢٤،٢٥] : (٤٦ (٥ |
الآية [١٠] : (٥) ٥٣ |
|
الآية [٧] : (٥) ٣٩ |
الآية [٢٦] : (٥) ٤٦ |
الآية [١١] : (٥) ٥٤ |
|
الآية [٨] : (٥) ٣٩ |
الآية [٢٧] : (٥) ٤٦ |
الآية [١٢] : (٥) ٥٤ |
|
الآية [٩] : (٥) ٣٩ |
الآية [٢٨] : (٥) ٤٦ |
الآية [١٣] : (٥) ٥٤ |
|
الآية [١٠] : (٥) ٣٩ |
الآية [٢٩] : (٥) ٤٧ |
الآية [١٤] : (٥) ٥٤ |
|
الآية [١١] : (٥) ٣٩ |
الآية [٣٠] : (٥) ٤٧ |
الآية [١٥] : (٥) ٥٤ |
|
الآيتان [١٢،١٣] : (٤٠ (٥ |
الآيتان [٣١،٣٢] : (٤٧ (٥ |
الآيتان [١٦،١٧] : (٥٤ (٥ |
|
الآية [١٤] : (٥) ٤٠ |
الآية [٣٣] : (٥) ٤٨ |
الآية [١٨] : (٥) ٥٥ |
|
الآية [١٥] : (٥) ٤١ |
الآية [٣٥] : (٥) ٤٨ |
الآية [١٩] : (٥) ٥٥ |
|
الآيتان [١٦،١٧] : (٤١ (٥ |
الآية [٣٦] : (٥) ٤٨ |
الآية [٢٠] : (٥) ٥٤ |
|
الآية [١٨] : (٥) ٤٢ |
الآية [٣٧] : (٥) ٤٩ |
الآية [٢١] : (٥) ٥٥ |
|
الآية [١٩] : (٥) ٤٢ |
الآية [٣٨] : (٥) ٤٩ |
الآيتان [٢٢،٢٣] : (٥٥ (٥ |
|
الآية [٢٠] : (٥) ٤٢ |
الآيات] ٣٩،٤٢] : (٤٩ (٥ |
الآية [٢٤] : (٥) ٦٠ |
|
سورة المدثر |
الآيتان [٤٣،٤٤] : (٤٩ (٥ |
الآية [٢٥] : (٥) ٦٠ |
|
الآية [١] : (٥) ٤٢ |
الآيات] ٤٥،٤٧] : (٤٩ (٥ |
الآيتان [٢٦،٢٧] : (٦٠ (٥ |
|
الآية [٢] : (٥) ٤٤ |
الآية [٤٨] : (٥) ٤٩ |
الآية [٣٠] : (٥) ٦٠ |
|
الآية [٣] : (٥) ٤٤ |
الآية [٤٩] : (٥) ٥٠ |
الآيتان [٣١،٣٢] : (٦٠ (٥ |
|
الآيتان [٤،٥] : (٤٤ (٥ |
الآية [٥٠] : (٥) ٥٠ |
الآية [٣٣] : (٥) ٦٠ |
|
الآية [٦] : (٥) ٤٤ |
الآية [٥١] : (٥) ٥٠ |
الآيتان [٣٤،٣٥] : (٦١ (٥ |
|
الآية [٧] : (٥) ٤٥ |
الآية [٥٢] : (٥) ٥٠ |
الآية [٣٦] : (٥) ٦١ |
|
|
الآية [٥٣] : (٥) ٥٠ |
|
![إعراب القرآن [ ج ٥ ] إعراب القرآن](/_next/image?url=https%3A%2F%2Flib.rafed.net%2FBooks%2F3333_irab-alquran-05%2Fimages%2Fcover.jpg&w=640&q=75)
