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الآية [٥٧] : (٤) ١٤ |
الآية [١٩] : (٤) ٢٢ |
الآية [٧١] : (٤) ٣١ |
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الآية [٥٨] : (٤) ١٤ |
الآية [٢٠] : (٤) ٢٢ |
الآية [٧٥] : (٤) ٣١ |
|
الآية [٥٩] : (٤) ١٥ |
الآية [٢١] : (٤) ٢٢ |
الآية [٧٦] : (٤) ٣٢ |
|
الآية [٦٠] : (٤) ١٥ |
الآية [٢٣] : (٤) ٢٣ |
الآيتان [٧٧،٧٨] : (٤) ٣٢ |
|
الآية [٦١] : (٤) ١٥ |
الآية [٢٤] : (٤) ٢٣ |
الآية [٧٩] : (٤) ٣٢ |
|
الآية [٦٢] : (٤) ١٥ |
الآية [٢٥] : (٤) ٢٣ |
الآية [٨١] : (٤) ٣٢ |
|
الآية [٦٣] : (٤) ١٥ |
الآية [٢٦] : (٤) ٢٣ |
الآية [٨٢] : (٤) ٣٢ |
|
الآية [٦٤] : (٤) ١٦ |
الآية [٢٨] : (٤) ٢٤ |
الآية [٨٣] : (٤) ٣٣ |
|
الآية [٦٥] : (٤) ١٦ |
الآية [٣٠] : (٤) ٢٤ |
الآيتان [٨٤،٨٥] : (٤) ٣٣ |
|
الآية [٦٦] : (٤) ١٦ |
الآية [٣١] : (٤) ٢٤ |
سورة فصلت |
|
الآية [٦٧] : (٤) ١٦ |
الآية [٣٢] : (٤) ٢٤ |
الآيات] ٣،١] : (٤) ٣٤ |
|
الآيتان [٩٨،٦٩] : (٤) ١٧ |
الآية [٣٣] : (٤) ٢٤ |
الآية [٤] : (٤) ٣٤ |
|
الآيات] ٧١،٧٣] : (٤) ١٧ |
الآية [٣٤] : (٤) ٢٥ |
الآية [٥] : (٤) ٣٤ |
|
الآية [٧٤] : (٤) ١٨ |
الآية [٣٥] : (٤) ٢٥ |
الآية [٦] : (٤) ٣٥ |
|
الآية [٧٥] : (٤) ١٨ |
الآيتان [٣٦،٣٧] : (٤) ٢٥ |
الآية [٧] : (٤) ٣٥ |
|
سورة غافر |
الآية [٣٨] : (٤) ٢٥ |
الآية [٨] : (٤) ٣٥ |
|
الآية [١] : (٤) ١٩ |
الآية [٤٣] : (٤) ٢٦ |
الآية [٩] : (٤) ٣٥ |
|
الآية [٢] : (٤) ١٩ |
الآيتان [٤٤،٤٥] : (٤) ٢٦ |
الآية [١٠] : (٤) ٣٦ |
|
الآية [٣] : (٤) ١٩ |
الآية [٤٦] : (٤) ٢٦ |
الآية [١١] : (٤) ٣٦ |
|
الآية [٤] : (٤) ٢٠ |
الآية [٤٧] : (٤) ٢٧ |
الآية [١٢] : (٤) ٣٦ |
|
الآية [٥] : (٤) ٢٠ |
الآية [٤٨] : (٤) ٢٧ |
الآية [١٣] : (٤) ٣٧ |
|
الآية [٧] : (٤) ٢٠ |
الآيتان [٤٩،٥٠] : (٤) ٢٧ |
الآية [١٤] : (٤) ٣٨ |
|
الآية [٨] : (٤) ٢٠ |
الآية ٥١] ،٥٢] : (٤) ٢٨ |
الآية [١٦] : (٤) ٣٨ |
|
الآية [٩] : (٤) ٢٠ |
الآية [٥٤] : (٤) ٢٩ |
الآية [١٧] : (٤) ٣٨ |
|
الآيتان [١٠،١١] : (٤) ٢١ |
الآية [٥٦] : (٤) ٢٩ |
الآيتان [١٩،٢٠] : (٤) ٣٩ |
|
الآية [١٢] : (٤) ٢١ |
الآية [٥٧] : (٤) ٢٩ |
الآية [٢٣] : (٤) ٤٠ |
|
الآية [١٤] : (٤) ٢١ |
الآية [٦٠] : (٤) ٣٠ |
الآية [٢٤] : (٤) ٤٠ |
|
الآية [١٥] : (٤) ٢١ |
الآية [٦٤] : (٤) ٣٠ |
الآية [٢٥] : (٤) ٣٨ |
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الآية [١٦] : (٤) ٢١ |
الآية [٦٥] : (٤) ٣٠ |
الآية [٢٦] : (٤) ٤١ |
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الآية [١٨] : (٤) ٢٢ |
الآية [٦٧] : (٤) ٣١ |
الآية [٢٨] : (٤) ٤١ |
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الآية [٣٠] : (٤) ٤٢ |
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