قافية الميم
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القافية |
رقمها |
الجزء |
الصفحة |
الشاعر |
الموضوع |
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يقومها |
٣٦٤ |
٣ |
١٤٢ |
الأخطل |
الجمع بعد فعل المدح" نعم" بين الفاعل الظاهر والتمييز. |
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تشتم |
٥٢١ |
٣ |
١٩٨ |
رؤبة بن العجاج |
" كما" لا تنصب المضارع. |
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تظلموا |
٥٢٢ |
٣ |
١٩٨ |
رؤبة بن العجاج |
" كما" أصلها" كيما" تنصب المضارع عند الكوفيين. |
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صميم |
٥٢٣ |
٣ |
١٩٨ |
الأخطل |
حذف نون" اللتان". |
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سمه |
٥٢٤ |
٣ |
١٩٩ |
الأخطل |
" سمّ" لغة في" اسم". |
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سمه |
٥٢٥ |
٣ |
١٩٩ |
الأخطل |
" سمّ" لغة في" اسم". |
|
فمه |
٥٢٦ |
٣ |
١٩٩ |
رؤبة بن العجاج. |
" سمّ" لغة في" اسم". |
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مسهّم |
١٩ |
٣ |
١٠ |
أوس بن حجر |
وجوب أن يلي أفعل التفضيل إما" من" التفضيلية وإما معموله. |
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متئم |
٢٠ |
٣ |
١٠ |
أوس بن حجر |
العدول عن ضمير الشأن في اسم" كأن" المخففة. |
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بمخرم |
٢١ |
٣ |
١١ |
زهير بن أبي سلمى |
النصب بفعل محذوف يفسره المذكور. |
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المرجّم |
٢٢ |
٣ |
١١ |
زهير بن أبي سلمى |
تعليق الظرف والجار والمجرور بالضمير. |
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مبرم |
٢٣ |
٣ |
١١ |
زهير بن أبي سلمى |
دخول الناسخ على المخصوص بالمدح أو الذم. |
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يتقدّم |
٢٤ |
٣ |
١١ |
زهير بن أبي سلمى |
جواز مجيء خبر كان ماضيا بدون تقدير" قد". |
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فعيهم |
٢٥ |
٣ |
١٢ |
النابغة الجعدي |
جواز حذف حرف العطف. |
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أعاظم |
٢٦ |
٣ |
١٢ |
النابغة الجعدي |
جمع" أفعل" على" أفاعل" بمعنى" فعال". |
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الأهاتم |
٢٧ |
٣ |
١٢ |
الفرزدق |
جمع" مئة" مع الأعداد من (٣ ـ ١٠) لضرورة الشعر |
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سلام |
٢٨ |
٣ |
١٣ |
ذو الرمة |
جواز إعراب الحروف إذا قصد ألفاظها. |
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عكم |
٢٩ |
٣ |
١٣ |
الحطيئة |
قد تزاد الباء بعد" ليت". |
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الحميم |
٣٠ |
٣ |
١٣ |
يزيد بن الصّعق |
حذف المضاف إليه. |
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المنعم |
٣١ |
٣ |
١٤ |
عنترة |
تعدي الفعل" أعلم" إلى ثلاثة مفاعليل. |
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المعصم |
٣٢ |
٣ |
١٤ |
عنترة |
إلحاق" غادر" بصيّر في العمل والمعنى. |
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الأيام |
٣٣ |
٣ |
١٤ |
جرير |
الإشارة ب" أولاء" إلى جمع غير العاقل. |
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الإسلام |
٣٤ |
٣ |
١٤ |
الفرزدق |
زيادة" كان" بين المتعاطفين. |
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