قافية الباء
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القافية |
رقمها |
الجزء |
الصفحة |
الشاعر |
الموضوع |
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حسيبها |
٢٧٥ |
١ |
١٨٧ |
مجنون ليلى |
الهاء في "يا رباه" للسكت. |
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ربيبها |
٢٧٦ |
١ |
١٨٧ |
العنبري |
إضمار "ربّ". |
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شبوبها |
٢٧٧ |
١ |
١٨٧ |
الفرزدق |
الرفع بالقطع. |
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عواقبها |
٢٧٨ |
١ |
١٨٧ |
عدي بن زيد |
الرفع بالقطع. |
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نابها |
٢٧٩ |
١ |
١٨٨ |
مغلّس بن لقيط |
شذوذ وصل الضمير الثاني في الكلمة إذا كان مساويا للأول. |
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العتاب |
٣٠٠ |
١ |
١٩٤ |
مغلّس بن لقيط |
وقوع المصدر موقع الفعل. |
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خصيب |
٣٠٣ |
١ |
١٩٥ |
مغلّس بن لقيط |
النصب بفعل محذوف. |
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إهابها |
٣٠٦ |
١ |
١٩٦ |
رجل من دارم |
نصب ما بعد الفاء على الجواب وإن كان معناها الإيجاب. |
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أخربه |
٣٠٧ |
١ |
١٩٦ |
زياد الأعجم بن سليمان |
نقل حركة الهاء إلى ما قبلها. |
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ذهبوا |
٣٤٠ |
١ |
١٧٨ |
الفرزدق |
"كم" الخبرية. |
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للخراب |
١ |
١ |
٨٧ |
الإمام علي |
لام العاقبة في "للموت". |
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العراب |
٢ |
١ |
٨٧ |
الإمام علي |
"كان" الزائدة. |
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الأعضب |
٣ |
١ |
٨٧ |
الأخطل |
بدل الاشتغال. |
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الحاجب |
٤ |
١ |
٨٧ |
موسى بن جابر الحنفي |
الحال. |
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تذبيب |
٥ |
١ |
٨٨ |
الفرزدق |
جواز إضافة الجزءين لفظا ومعنى إلى متضمنيهما المتحدين بلفظ واحد. |
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القرائب |
٦ |
١ |
٩٠ |
الفرزدق |
المجاز اللغوي. |
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تهب |
٧ |
١ |
٩٠ |
المتنبي |
منع لفظ "فعلة" من الصرف لأن موزونها ممنوع. |
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يضرب |
٨ |
١ |
٩٠ |
الفرزدق |
الجزم ب "إذما". |
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ربرب |
١٠ |
١ |
٩٢ |
البعيث |
"أل" في الله بدل من همزة" إله". |
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المشيب |
٣٢ |
١ |
١٠٢ |
حسان بن ثابت |
النصب ب "إذن". |
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مرحب |
٣٧ |
١ |
١٠٣ |
النابغة الجعدي |
وقوع الجار والمجرور خبرا للفعل الناقص. |
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خلب |
٣٦ |
١ |
١٠٣ |
رؤبة بن العجاج |
إعمال "كأن" المخففة. |
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مذهب |
٤٣ |
١ |
١٠٥ |
طفيل بن كعب الغنوي |
التنازع. |
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